अफीम जांच का कार्य अब होगा कम्प्यूटर से… मानव हस्तक्षेप जांच कार्य में पूरी तरह खत्म, होगी पारदर्शिता

 

नीमच। शहर में स्थित एवं एशिया के सबसे बड़े शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना नीमच में फसल वर्ष 2021-22 में अफीम परीक्षण संबंधित कार्य का प्रारम्भ किया जाना है। विगत वर्षों में प्राप्त भ्रष्टाचार, ठगी एवं अफीम परिणामों में घोटालों से संबंधित शिकायतों को देखते हुए जीएम ने अफीम परीक्षण प्रणाली को परिवर्तित कर दिया है। अब इस प्रणाली को अधिकतम रूप से कम्प्यूटर आधारित कर दिया है। इसमें मानव हस्तक्षेप को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। अफीम एवं क्षारोद कारखाना के महाप्रबंधक नरेश बुन्देल ने बताया कि अफीम कारखाने में फसल वर्ष 2021-22 में अफीम परीक्षण संबंधित कार्य का प्रारम्भ किया जाना है। पूर्व में हुए भ्रष्टाचार, ठगी एवं अफीम परिणामों में घोटालों से संबंधित शिकायतों को देखते हुए इस अफीम परीक्षण प्रणाली को परिवर्तित कर अधिकतम कम्प्यूटर आधारित कर दिया गया है।
अब इन नए बिंदुओं के साथ होगा अफीम की गुणवत्ता का परीक्षण-

अफीम परीक्षण एवं कोडिंग-डिकोडिंग संबंधित कार्य अधिकतम कंप्यूटर आधारित कर दिया गया हैं। जिससे किसी भी प्रकार का मैनुअल हस्तक्षेप नहीं रहेगा। अतः किसी भी व्यक्ति की किसी भी प्रकार की संलिप्तता इस कार्य में नहीं रहेगी।

कोई भी व्यक्ति, बिचौलिया एवं कर्मचारी किसी भी कृषक को मॉर्फिन की मात्रा बढ़ाने, अफीम परिणामों में फेर बदल करवाने अथवा गुणवत्ता से अधिक आरी का पट्टा दिलवाने का प्रलोभन देता है तो वह उस किसान को मात्र ठगने का प्रयास करेगा, क्योंकि अफीम परीक्षण प्रणाली को परिवर्तित कर कंप्यूटर आधरित कर दिया गया है।
कोई भी व्यक्ति, बिचौलिया एवं कर्मचारी अगर किसी भी किसान को किसी प्रकार का प्रलोभन देने अथवा मॉर्फिन की मात्रा बढ़ाने, अफीम परिणामों में फेर बदल करवाने अथवा गुणवत्ता से अधिक आरी का पट्टा दिलवाने के नाम पर पैसे ऐंठने का प्रयास करता है तो उनकी शिकायत दर्ज करने हेतु कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है एवं जिसके लिए दूरभाष संख्या 07423-226015/220199 सोमवार से शनिवार तक प्रातः काल 10 बजे से सांयकाल 05 बजे तक संचालित रहेगा। इसके अलावा शिकायतकर्ता वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कृषक बंधुओं को पुनः अवगत कराया जाता है कि वे किसी भी प्रकार के झांसे में न आएं। अफीम परीक्षण, सैंपलिंग अथवा कोडिंग-डिकोडिंग संबंधित प्रणाली को कंप्यूटर आधारित कर दिया गया है। अतः कोई भी व्यक्ति किसी भी स्तर पर अफीम परिणामों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। अतः कोई भी किसान किसी के बहकावे में न आयें।