आवरी माता जी में लगेगा चैत्र नवरात्र का नौ दिवसीय भव्य मेला

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    नौ दिवस कब होंगे भव्य आयोजन उमडेगा भक्तों का सैलाब
    चीताखेडा-22मार्च।नौ दिन ममता और उर्जा की आराधना का पर्व हैं,शारदीय नवरात्र के 9दिन आराधना आस्था और भक्ति के साथ ही साधना का अवसर भी लेकर आ रहा हैं। आगामी दिवस 2अप्रेल2022 शनिवार से मां की भक्ति मे लिन हो होंगे हैं, और इसी के साथ कोई निराहार तो कोई वास,उपवास तो कोई नगे पैरों रहकर मा को रिझाने का प्रयास करेंगे। कोरोनावायरस महामारी के चलते विगत 2साल से कोई भी धार्मिक आयोजन नहीं हुए।2साल बाद एक बार फिर आंवरीमाताजी का 9दिवसीय भव्य मैले का आयोजन का उल्लास जाएगा।2अप्रेल शनिवार से 10अप्रेल 2022रविवार तक मनाई जाएगी। मैले के आयोजन को लेकर मैला समिति द्वारा बड़े ही जोरों के साथ तैयारियां की जा रही है। इस बार होंगे धार्मिक रंगारंग मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भव्य भजन संध्या और कविसम्मेलन।
    उपरोक्त जानकारी मैला समिति अध्यक्ष दशरथ माली ने प्रेस विज्ञप्ति में देते हुए बताया है कि नवरात्र हिन्दूओ का विशेष पर्व है नवरात्र का धार्मिक,आध्यात्मिक,लोकिक और शारिरिक दृष्टि से बडा महत्व हैं।ऐसा ही एक प्रत्यक्ष उदाहरण है ,जिला मुख्यालय से दक्षिण की ओर 20 किमी दुर चीताखेडा से लगा माताकाखेडा की पावन धरा पर स्थित 432
    वर्ष पुराना अतिप्राचीन नीमच, मंदसौर,रतलाम, राजस्थान के चित्तौड़गढ़,प्रतापगढ़ जिलों का विख्यात आध्यशक्ति धाम आरोग्य देवी महामाया आवरीमाता जी का अलोकिक दरबार जहां हजारों भक्त मां के दरबार मे अपनी अर्जी लगाते हैं।कहते यहां मां आवरीमाता अपने भक्तों के हर दु:ख को समेट लेती हैं। माली ने बताया कि 18साल पूर्व तक करीब 7बीघा भूमि मे फैला आवरीमाता स्थल हर तरफ उजाड़ और विरान नजर आता था, निस्वार्थ भाव से कुछ धर्म प्रेमी युवाओं व समाजसेवियो की सकारात्मक सोच के कारण अब यह संवरने लगा हैं।मंदिर निर्माण श्रद्धालुओ के सहयोग ओर माताजी को आये चढावें की राशि से अनुमानित पोने 2करोड़ से भी अधिक राशि व्यय हो चुकी हैं फिर भी मंदिर का निर्माण कार्य अधुरा हैं जो निरंतर जारी हैं।
    जन-जन की आस्था का केंद्र आरोग्य देवी महामाया आवरीमाता जी की असीम कृपा से असाध्य रोग जैसे लाईलाज रोगियों को मात्र विभूति लगाने से चंद दिनों मे भला चंगा करने की मां क्षमता रखती हैं।इसी चमत्कार से आस्था का सेलाब लिए जग प्रसिद्ध मां के प्रति अगाध श्रृद्धा लिए मां के दरबार मे मत्था टेकने आते हैं। मां के दरबार मे सच्चे मन से श्रृद्धा लेकर आने वाले भक्तों की मनोवांछित कामनाएं पुरी होती हैं।मां का दरबार चीताखेडा ही नही अपितु मालवा मेवाड क्षेत्र मे श्रृद्धा का प्रतीक बना हुआ हैं । मां के दरबार मे विगत 22साल से निरंतर अखंड धुणी संचालित हैं।जिसकी विभूति लगाने मात्र से मृत हाथ पैर (से जान अंग)मे जान डाल देती हैं।चमत्कारी विभूति से हजारों लकवा जैसी असाध्य बीमारीयो से ग्रसित रोगियों को मुक्ति मिली हैं।मां के इस अलौकिक दरबार मेे वर्ष मे एक बार चैत्र नवरात्रि पर्व पर नौ दिवसीय विशाल मैला लगता है, दुर्गाष्टमी को हवन किया जाता हैं।आवरीमाता जी की कारूलाल मीणा के पत्र गोपाल मीणा द्वारा जो कि 6टी पीढ़ी सुबह शाम पूजा अर्चना कर रहे हैं। मां के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओ के मनोरंजन हेतु मंदिर समिति द्वारा झूले चकरी भी लगा रखें हैं। आगामी दिवस 2अप्रेल शनिवार 2022को मां जगदम्बा की घटस्थापना के साथ ही आवरीमाता जी केअलौकिक दरबार मे मां के दिव्य दर्शन हेतु मां के भक्तों का सैलाब उमड़ेगा।