ग्राम पंचायत काकरियातलाई पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप के पीछे मूल कारण सामाजिक बहिष्कार ग्राम पंचायत काकरियातलाई को सुलह कराना पड़ गया महंगा

*ग्राम पंचायत काकरिया तलाई पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप के पीछे मूल कारण सामाजिक बहिष्कार*

*ग्राम पंचायत काकरिया तलाई को सुलह कराना पड़ गया महंगा*

सिंगोली। सिंगोली तहसील क्षैत्र की कांकरिया तलाई ग्राम पंचायत पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के पीछे मूल कारण शिकायत कर्ता का हित प्रभावित होना है।
शिकायत कर्ता और गांव के कुछ लोगों के बीच सुलह कराना ग्राम पंचायत को तब महंगा पड़ गया, जब उसके हस्तक्षेप के कारण वे सभी लोग बच गए जिनसे मुकेश प्रजापत अपने सामाजिक बहिष्कार से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई चाहता था।
मुकेश प्रजापत ने बताया कि यदि पंचायत द्वारा हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो समझोते के बदले उन आठ लोगों से आर्थिक नुक़सान की भरपाई हो जाती जो उसे सामाजिक प्रतिबंध के कारण हुआ था।
मुकेश ने बताया कि सामाजिक बहिष्कार के कारण उसका होटल व्यवसाय बंद हो गया, जिससे उसे प्रतिवर्ष दो लाख रुपयों की आय होती थी। तीन तीन मजदूर उसकी होटल पर काम करते थे, लेकिन अब वह बेरोजगार हो गया है। उसका धंधा बंद होने से उसे अब तक 18 से 20 लाख रुपयों का नुकसान हुआ है। और यह भरपाई वह पंचायत से करवाकर रहेगा।
बता दें कि कांकरिया तलाई निवासी मुकेश प्रजापत ने पंचायत सरपंच पुष्पा बाई और उनके पति गोविंद मेघवाल से नाराज़ होकर ग्राम पंचायत के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। वह बीते दिनों शिकायत पत्रों की माला पहनकर जन सुनवाई में भी पहुंच गया था।
इस दौरान उसने अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि यदि 5 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो वह भोपाल जाकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से शिकायत करेगा। वह बताता है कि उसे नहीं लगता अधिकारी कोई कार्रवाई करेंगे, इसलिए वह भोपाल के लिए रवाना हो रहा है।
इस संबंध में सरपंच पुष्पा बाई और उनके पति गोविंद मेघवाल ने आरोप झुंठे बताए है, जबकि ग्रामीण काशीराम धाकड़ और जीतमल धाकड़ ने भी बताया कि मुकेश प्रजापत सरपंच से 18 लाख रुपयों की मांग कर रहा है। यह राशि उसे नहीं मिली तो वह पंचायत को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है।
हालांकि ग्रामीण कमलेश धाकड़ ने इस बात की पुष्टि की है कि मुकेश प्रजापत सामाजिक बहिष्कार के कारण परेशान हुआ है। उसकी आजीविका बंद हो गई है और परिवार का पालन पोषण भी मुश्किल हो रहा है।
कमलेश धाकड़ ने बताया कि मुकेश प्रजापत ने परेशान होकर कई जगह आवेदन दिए है लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।