ग्राम पंचायत धाराडी का एक और कारनामा सूचना के अधिकार अधिनियम की खुलेआम हो रही अवहेलना ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा किए गए पाप उजागर होने के डर से नहीं मिल रही है जानकारी

*ग्राम पंचायत धारडी का एक और कारनामा*
*सूचना के अधिकार अधिनियम की खुलेआम हो रही अवहेलना*

*ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा किए गए पाप उजागर होने के डर से नहीं मिल रही है जानकारी*

सिंगोली:- लंबे समय से लाखों रुपए के गायला गपलों में चर्चित हो चुकी जावद जनपद और सिंगोली तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धारडी में इन दिनों सूचना के अधिकार अधिनियम की जिम्मेदारों द्वारा खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। चंद दिनों पूर्व शासन की संबल योजना में लाखों रुपए के भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई जांच में बरती गई कोताही की जानकारी सामने आने के बाद ग्राम पंचायत द्वारा बनाए गए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र दर्ज करने के लिए रजिस्टर की प्रमाणित प्रतियां सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत एक आवेदन आवेदनकर्ता द्वारा ग्राम पंचायत सचिव को प्रस्तुत कर जन्म मृत्यु रजिस्टर की प्रमाणित प्रतियां चाही गई थी, किंतु ग्राम पंचायत सचिव द्वारा दी गई तारीख के निकल जाने के बावजूद भी आज तक आवेदन करता को सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गई। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शासकीय विभागों में बैठे और सूचना आयोग द्वारा नियुक्त लोक सूचना अधिकारी किस तरह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं और भ्रष्टाचार को दबाने का प्रयास कर रहे हैं इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

ज्ञात रहे चंद दिनों पूर्व ग्राम पंचायत धारडी मैं शासन की संबल योजना में एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ था हालांकि घोटाला करने वाले जिम्मेदार अभी सलाखों के पीछे हैं लेकिन सूत्रों की माने तो जो जांच विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई उसमें अन्य गुनहगारों को बचाया गया है।

बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत द्वारा संधारित किए जाने वाले जन्म मृत्यु रजिस्टर में दर्ज नामों की निष्पक्ष जांच विभागीय अधिकारियों द्वारा नहीं की गई और उजागर हुए चंद नामो कि जांच कर ही जांच की इतिश्री कर ली गई। इसी को लेकर एक आवेदन सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 2018 से दिसंबर 2021 तक जन्म मृत्यु रजिस्टर में दर्ज नामों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए एक आवेदन ग्राम पंचायत धारडी के सचिव को दिया गया लेकिन समय बीत जाने के बाद भी आज तक आवेदन कर्ता को रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया

समय बीतने के बाद आवेदन कर्ता द्वारा जब ग्राम पंचायत सचिव से संपर्क किया गया तो बताया गया कि आपका आवेदन मेरे पास रखा है किंतु इसमें अब नया मोड़ आ गया है क्योंकि ग्राम पंचायत धारडी के सचिव पद के लिए नए सचिव का आदेश हो गया है इसलिए मैं जब भी चार्ज दूंगा तो आपको जानकारी नए सचिव द्वारा सत्यापित कर ही उपलब्ध कराई जाएगी। सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो बताया जा रहा है की जन्म और मृत्यु पंजीयन रजिस्टर को संबल योजना का घोटाला उजागर होने के बाद से ही गायब कर दिया गया है और एक बड़े घोटाले को दबाने का प्रयास किया गया है। अब इस बात की सच्चाई तो तभी सामने आएगी जब सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत चाही गई जानकारी आवेदनकर्ता को उपलब्ध करवाई जाएगी।