भारी बारिश से फसलें तबाह कच्चे मकान ढहने से बेघर हुए लोग भाजपा सरकार व उसके जनप्रतिनिधि सत्ता के नशे में मस्त जनता हो रही त्रस्त सत्यनारायण पाटीदार अविलंब किसानों व बेघर हुए लोगों को सर्वे के बिना ही राहत राशि के साथ मुआवजा दे सरकार

*भारी बारिश से फसलें तबाह, कच्चे मकान ढहने से बेघर हुए लोग, भाजपा सरकार व उसके जनप्रतिनिधि सत्ता के नशे में मस्त, जनता हो रही त्रस्त- सत्यनारायण पाटीदार*

*अविलंब किसानों व बेघर हुए लोगो को सर्वे के बिना ही राहत राशि के साथ मुआवजा दे सरकार*

सिंगोली:- जिले में लगातार हो रही भारी बारिश जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ग्रामीण इलाको में हालात बद से बदतर हो चुके है। खेतों में पानी भरा रहने से सभी फसलें नष्ट होने की कगार पर है कई फसलें गल चुकी है। कच्चें मकान व झोपड़ी भी भारी बारिश से बच नहीं सकी और ढह गये। किसानों व बेघर हुए लोगांे की हालात खराब हो चुकी है । नष्ट हुई फसलों से बर्बाद हो चुके पीड़ित किसानों व बेघर हुए लोगांे को बिना सर्वे किए राहत राशि प्रदान करने के साथ ही मुआवजा दिया जाना चाहिये।
उक्त विचार व्यक्त करते हुए जावद जनपद के पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण पाटीदार ने कहा कि तत्कालीन कॉंग्रेस की कमलनाथ सरकार में नीमच सहित मंदसौर जिले में अतिवृष्टि के दौरान नष्ट हुई फसलों का बिना सर्वे किये मुआवजा दिया था। लेकिन वर्तमान में हो रही भारी बारिश के बीच भाजपा सरकार व उसके जनप्रतिनिधि कुंभकर्णी नींद में सोये हुए है। वर्तमान में हो रही बारिश से सभी फसलें नष्ट हो चुकी है और कई कच्चे मकान ढह गये। उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। भाजपा सरकार के जनप्रतिनिधि सत्ता के मद में चूर होकर मस्त हो रहे है और किसान व आमजनता त्रस्त हो रही है।
जावद विधानसभा क्षेत्र के जावद, सिंगोली, अठाना सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निरंतर हो रही बारिश से भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। नदियांे के किनारे रहने वाले व कई ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकान ढह जाने के कारण ग्रामीण तिरपाल लगाकर गुजर बसर करने को मजबूर हो गए। खेत बर्बाद होने से किसान भारी चिंतित नजर आ रहा हैं। जावद विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में बारिश से भारी तबाही हुई है। म.प्र. की भाजपा सरकार व उनके जनप्रतिनिधि अभी तक सोये हुए है किसी ने भी किसानों व बेघर हुए लोगो की सुध नहीं ली है। जबकि तत्कालीन कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों का बिना सर्वे किये ही मुआवजा दे दिया था लेकिन भाजपा की प्रदेश सरकार व उसके जनप्रतिनिधि हमेशा की तरह कुंभकर्णी नींद में सोये हुए है। सत्ता के नशे में चूर भाजपा सरकार के जनप्रतिनिधियों को आमजनता व किसानों की समस्या से कोई लेना देना नहीं है वे वोट के समय किसानों व आमजनता को याद करते है।
श्री पाटीदार ने बताया कि जावद विधानसभा में सिंगोली, मोरवन, अठाना आदि क्षेत्रों में जहां जहां से भी नदियां निकली है वहां के खेत जलमग्न हो गये है। पहाडी इलाकें सिंगोली, अठाना क्षेत्र में अधिक आते है वहां तो खेतों की हालात बहुत अधिक खराब हो चुकी है। खेतों में पानी भरा गया। बीते 5-5 दिनों से खेतों में पानी भरा है। सारी फसले गल चुकी है। बिना सर्वे के ही सभी को मुआवजा दिया जाए। गरीब लोगो के कच्चें मकान जो नदियों के किनारे थे, झोपड़िया थी वो टूट गई, कच्चे मकान ढह गये अब उनके सिर पर अब छत नहीं है। उनको आवास सुविधा के साथ ही आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवाई जाये। श्री पाटीदार ने कहा कि भाजपा सरकार व उसके जनप्रतिनिधियों को यदि सर्वे के बिना मुआवजा देने में निजी स्वार्थ आड़े आ रहा हो तो वे बिना किसी विलंब के तत्काल सर्वे करवाए व मुआवजा देवे। सत्यनारायण पाटीदार ने मप्र की भाजपा सरकार व उसके जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे अविलम्ब जावद विधानसभा के सिंगोली, अठाना, मोरवन, रतनगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों के आसपास लगे गांवों का अविलम्ब सर्वे करवाकर राहत राशि व मुआवजा प्रदान किया जाये। श्री पाटीदार ने कहा कि आश्चर्य होता है दयनीय हालात होने के बाद भी जावद विधानसभा क्षैत्र में अब तक किसी तरह भी तरह की सरकारी मदद नहीं पहुंची है। पाटीदार ने भाजपा की मप्र सरकार व उसके जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वे मानवता के नाते आगे आकर बर्बाद हो चुके किसानो और बेघर हो चुके लोगो की सुध लेकर उन्हें तत्काल राहत राशि व मुआवजा प्रदान करे।