रतनगढ़ मुक्तिधाम परिसर पर फिर एक बार मधुमक्खियों का हमला अंतिम संस्कार में गए मृतक के परिजनों सहित कई लोगों को किया जख्मी

*रतनगढ़ मुक्तिधाम परिसर पर फिर एक बार मधुमक्खियों का हमला*

*अंतिम संस्कार में गए मृतक के परिजनों सहित कई लोगों को किया जख्मी*

रतनगढ़ में मुक्तिधाम परिसर पर आज उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब स्थानीय वेल्डिंग व्यवसायी पवन कुमार एवं दीपक कुमार के पिता बाबूलाल (बबलू) सुथार के निधन पर उनकी शव यात्रा मुक्तिधाम परिसर पर पहुंची जहां मृतक के अंतिम संस्कार की अग्नि प्रवाहित होने के कुछ समय बाद ही मुक्तिधाम परिसर पर स्थित बरगद के पेड़ पर बैठी हुई मधुमक्खियां अचानक से उड़ने लगी।इस तरह से अंतिम संस्कार में गए लोगों के ऊपर अचानक से मधुमक्खियों ने हमला कर दिया जिसमे मृतक बाबूलाल सुथार के पुत्र दीपक सुथार सहित लगभग 25 से 30 लोगों को मधुमक्खियों ने काट लिया अचानक हुए इस हमले से सभी लोगों ने लगभग आधा किलोमीटर से भी अधिक दूरी तक दोड भागकर अपनी जान बचाई।इस दौरान सरदार इंद्रजीतसिंह, रघुवीर बैरागी, कैलाश सुथार, बाबरु उस्ताद सोलंकी, शांतिलाल राठौर, गोपाल कुमावत, आदित्य व्यास सहित लगभग 25 से 30 लोगों को मधुमक्खीयो ने घायल कर दिया। जिनका नजदीक के निजी क्लीनिक मे प्राथमिक उपचार करवाया गया।इस दौरान मुक्तिधाम परिसर पूरा खाली हो गया। मृतक के परिजनों के लिए हेलमेट एवं कम्बल की व्यवस्था करवाई गई। ज्ञात रहे कि पूर्व में भी 3/4 बार इसी प्रकार से माहेश्वरी समाज, सोलंकी समाज, व्यास समाज के परिजनों के अंतिम संस्कार में भी इसी तरह से मधुमक्खियों के हमले ने कई लोगों को घायल कर दिया था। मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही बची हुई टहनियों को भी काट कर मधुमक्खियों को वहां से हटाया जाए।
इस संबंध में रतनगढ़ नगर परिषद सीएमओ गिरीश शर्मा ने बताया कि यह वन विभाग का मामला है लेकिन फिर भी पूर्व में हमने जिस बरगद के पेड़ पर मधुमक्खियां बैठी थी उसकी डालियों को कटवा कर मधुमक्खियों को भी उडवा दिया था शीघ्र ही बची हुई टहनी को भी कटवा दिया जाएगा।