रतनगढ़ में धूमधाम के साथ मनाया गया गणगौर का पर्व माहेश्वरी ब्राह्मण छिपा दर्जी एवं स्वर्णकार समाज की महिलाओं ने निकाली अलग-अलग झेल दिए गणगौर के झाले

*रतनगढ मे धूमधाम के साथ मनाया गया गणगौर का पर्व*

*माहेश्वरी,ब्राम्हण,छिपा दर्जी एवं स्वर्णकार समाज की महिलाओं ने निकाली अलग अलग झैल,दिये गणगौर के झाले*

रतनगढ़:- दो वर्षों के कोरोना संक्रमण काल के प्रतिबंध की समाप्ति के पश्चात इस वर्ष महिलाओं के सुहाग की सलामति एवं कुंवारी कन्या को अच्छे वर की कामना को लेकर रतनगढ मे भी आस्था प्रेम एवं पारिवारिक सौहार्द के प्रतीक गणगौर पर्व को धूमधाम व हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रतनगढ मे माहेश्वरी समाज, ब्राह्मण समाज, छिपा दर्जी समाज एवं स्वर्णकार समाज की महिलाओं एवं युवतियों के द्वारा बैंड बाजो की धुन पर मधुर स्वर लहरियो के बीच नाचते गाते सजधज कर नगर के सभी प्रमुख मार्गो से नाचते गाते गणगौर की झैल निकाली गई।जो श्री माहेश्वरी समाज भवन, श्री गोवर्धन नाथ मंदिर मार्ग, मूंदडा मोहल्ला,सदर बाजार, झंडा चौक, माहेश्वरी मोहल्ला, गरबा चौक, पूराना बस स्टैंड, सब्जी मण्डी चौराहा, विवेकानन्द मार्केट होते हुए पुन: अपने निर्धारित स्थान जहा से झैल प्रारंभ हुई वही पर पहुंच कर समाप्त हुई। इस दौरान चारो समाज की महिलाओं के द्वारा अलग अलग गणगौर की झैल निकाली गई। झैल मे शामिल महिलाओं का जगह जगह शीतल पेय एवं स्वल्पाहार से स्वागत किया गया।इस अवसर पर माहेश्वरी समाज की झैल में श्रीमति सपना मंडोवरा, श्रीमति रिंकू सोनी,श्रीमती अरुणा मंडोवरा,श्रीमति मोनिका मंडोवरा, श्रीमति पूनम सोनी, श्रीमती अनिता मूंदड़ा, श्रीमति अलका लढा, श्रीमति अलका मूंदड़ा, श्रीमति अनिता मंडोवरा, श्रीमति साधना लढा, श्रीमती विजयलक्ष्मी मूंदड़ा, श्रीमति सुमन मंडोवरा, श्रीमती सुनिता मूंदड़ा, श्रीमति भावना मूंदड़ा, श्री मति अंतिम मूंदड़ा, छिपा दर्जी समाज की झैल में श्रीमती सुनीता टैलर, श्रीमती रामकन्या बाई छिपा, श्रीमती शीला छिपा, श्रीमती सुनीता छिपा, श्रीमती विद्या छिपा, श्रीमती कुसुम छिपा, ब्राह्मण समाज की झैल में श्रीमती सीमा व्यास, श्रीमती लक्ष्मी देवी नागदा, श्रीमती अनीता शर्मा, श्रीमती रेखा नागदा, स्वर्णकार समाज की झैल मे श्रीमती मंजू देवी सोनी, श्रीमती निक्की सोनी, श्रीमती संपत देवी सोनी सहित बडी संख्या मे महिलाएं उपस्थित थी।
*गणगौर की महत्ता*- महिलाओं एवं युवतियों के द्वारा सुहाग एवं अच्छे वर की कामना के लिये किया जाने वाला गणगौर पर्व जिसे हर स्त्री के द्वारा मनाया जाता है इसमें कुंवारी कन्या से लेकर, विवाहित स्त्री दोनों ही पूरी विधी-विधान से गणगौर जिसमे भगवान शंकर, ईसरजी व माता पार्वती का पूजन किया जाता है।इस पर्व पर कुंवारी कन्या अच्छे वर की कामना को लेकर व विवाहित स्त्री अपने पति के स्वस्थ दीर्घायु जीवन व लम्बी उम्र की कामना के लिये व्रत करती है। इस पर्व पर गणगौर पूजा के पश्चात गणगौर माता की कहानी सुनी जाती है। दिनभर व्रत रखकर गणगौर के गीत गाते हुए शाम को झाले दिए जाते हैं।