हरियाली अमावस्या पर केदारेश्वर महादेव में उमड़ा भक्तों का सैलाब: भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी किए केदारेश्वर महादेव के दर्शन

रामपुरा
रामपुरा तहसील मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर अरावली पर्वतमाला में चंबल नदी के किनारे प्राकृतिक सुंदरता कल कल झरने एवं मनमोहक वैभवता को समेटे भगवान केदारेश्वर महादेव पर हरियाली अमावस्या अवसर पर केदारेश्वर महादेव मंदिर पर एक दिवसीय मेले के आयोजन पर किया जाता है इस अवसर पर बड़ी दूर दूर से लोग भगवान महादेव के दर्शन करने केदारेश्वर पहुंचते हैं इस वर्ष भी हरियाली अमावस्या के पुण्य संयोग पर लोग प्रातः काल 4:00 से ही अपने इष्ट देव की पूजा अर्चना करने के लिए केदारेश्वर में भक्तों की भीड़ लगना प्रारंभ हो गई थी जो दोपहर 11:00 बजते बजते अपार जन समूह में एकत्र हो गई इस अवसर पर भक्तों ने मंदिर परिसर में स्थित कुंड में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान महादेव के दर्शन किए जहां दिनभर पूजा-पाठ का दौर चलता रहा इस अवसर पर लोग अपने आराध्य देव की एक झलक पाने को बेताब नजर आए ज्ञात हो कि केदारेश्वर महादेव अत्यंत प्राचीन होकर महाभारत काल स्थित शिवलिंग है लोक मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय केदारेश्वर महादेव में व्यतीत किया था इसी दौरान कुंती पुत्र भीम ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी तब से यह स्थान केदारेश्वर महादेव के नाम से विख्यात होकर भक्तों के लिए आस्था का केंद्र माना जाता है यहां प्रतिदिन भक्तों का आवागमन चालू रहता है केदारेश्वर महादेव भगवान शिव का प्राकृतिक जलाभिषेक 12 महीने अनावृत होता रहता है मंदिर परिसर में स्थित महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कुंड की व्यवस्थाएं हैं लोक मान्यता है कि मंदिर परिसर में स्थित एक कुंड पर ऐसा मंत्र अंकित है जिसमें निसंतान दंपत्ति उस मंत्र का जाप करते हुए स्नान करें तो उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है मंदिर के समीप ही अरावली पर्वत मालाओं में राजा भरतरी की गुफा भी स्थित है मंदिर में प्रत्येक सावन सोमवार को मेला लगता है एवं हरियाली अमावस्या के अवसर पर दूर-दूर से भक्तगण भगवान केदारेश्वर महादेव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं इस वर्ष भी हरियाली अमावस्या के अवसर पर केदारेश्वर महादेव में भक्तों का अपार जनसैलाब उमड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस बार हरियाली अमावस्या के अवसर पर मेले में तकरीबन 70000 भक्तों ने भगवान महादेव के दर्शन किए साथ ही इस अवसर पर पुलिस विभाग रामपुरा की चाक-चौबंद व्यवस्था एवं यातायात को लेकर विशेष सहयोग प्राप्त हुआ जिसके कारण प्रति वर्ष ट्रैफिक जाम की जो समस्या नजर आती है पुलिस विभाग के इंतजाम के कारण इस वर्ष जाम की स्थिति निर्मित नहीं हो पाई क्योंकि पुलिस विभाग द्वारा पार्किंग मंदिर परिसर से2.5किलोमीटर पहले ही ग्राम सालार माला के पास पार्किंग व्यवस्था करवा दी गई थी जिसके कारण भक्तों कोई अव्यवस्था ना हो
क्यों मनाई जाती है हरियाली अमावस्या क्या है इस बार हरियाली अमावस्या पर विशेष

सावन के महीने में प्रकृति चारों तरफ हरियाली की चादर ओढ़ लेती है, यही वजह है कि इस माह में पड़ने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है। वेसे तो श्रावण मास का प्रत्येक दिन पवित्र माना जाता जिसमे भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा अर्चना का दौर निरंतर जारी रहता है इस बार हरियाली अमावस्या का पर्व सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग के विशेष संयोग में मनाई जाएगी। आज गुरु-पुष्य के मंगलकारी संयोग के साथ सर्वार्थ-अमृत सिद्धि योग का त्रिवेणी संयोग बन रहा है। श्री रामानुजाचार्य संप्रदाय भागवत प्रवक्ता विद्धान पंडित श्री अशोक भारद्वाज ने जानकारी में बताया की सावन मास के कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि को हरियाली अमावस्या के रूप में जानी जाती है। अमावस्या के दिन ब्राह्मणों, जरूरतमंदों को दान दिया जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान तर्पण तथा श्राद्ध भी किया जाता है, सावन अमावस्या के दिन मां पार्वती के साथ भगवान शंकर की पूजा करने से धन धान्य सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती